
स्वत्रन्त्र है
गणतंत्र है
” मेरा भारत महान “
सबसे बड़ा प्रजातंत्र है
भाषा, धर्म, सभ्यता व संस्कृति
बेजोड़ समता का मूलमंत्र है
वीरों, देशप्रेमियों व शहीदों की धरती
माँ भारती सबका गौरव व सदा संपन्न जंत्र है
संतों, गुरुओं व विद्वानों का देश
भारत रहे बुलंद, आशीर्वाद इसका वेदमंत्र है
गुलामी, शत्रुघात व विपत्ति में भीं
हिमालय सरीखा भारत तोड़ता सब षड़यंत्र है
अनेकता में एकता सदा रहा भारत बल
हर तमस, दुर्भाव व दुर्गुणों से लड़, जोड़ता एकमंत्र है
रानी लक्ष्मी, सरोजिनी व इंदिरा नाज़ इसका
अदम्य नारी शक्ति से बना भारत सशक्त लोकतंत्र है
सुभाष, गाँधी, नेहरू अनेक दिग्गज नेताओं का बलिदान
अनगिनत देशभक्तों के अथक प्रयास से भारत जयमंत्र है
भारत अपनी आन, बान व शान का लहराए सदा परचम
जन गण मण हर दिल में गूंजता अलौकिक वाद्ययंत्र है
मिट्टी को इसकी चूम
मिटटी को इसकी लगा मस्तक
भारत पर जन्म सौभाग्य कर्म है
तिरंगे पर न्यौछावर दिल व जान, वीरों का प्राणमंत्र है
